इटली के 14 नागरिक मेदांता में शिफ्ट

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए इटली के 14 नागरिकों को आईटीबीपी के एक अलगाव केंद्र से गडगांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं राज्यसभा में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राज्यसभा में बताया कि 4 मार्च तक भारत में कोरोना वायरस के 29 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मैं रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा हू आर मात्रया का एक समूह भा स्थिात का निगराना कर रहा है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खद इस पर नजर रख रहे हैं। 4 मार्च तक कल 28529 लोगों की निगरानी की जा रही है और अब सभी अंतर्राष्टीय यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। अस्पताल ने गुरुवार सुबह एक बयान जारी कर कहा कि ये मरीज अस्पताल की एक अलग मंजिल के वार्ड में भर्ती हैं और इस वार्ड का बाकी के अस्पताल से कोई संपर्क नहीं है। इन मरीजों का इलाज कर रही मेडिकल टीम ने सुरक्षा क सभा उपाय कर रख है। अस्पताल का इस माजल पर इस्तेमाल किए जा रहे सभी सामान को अलग रखा गया है।बयान में बताया गया है कि अस्पताल के बाका कामकाज सामान्य तराक से चल रहे हैं और मरीजों, यहां आने वाले लोगों या कर्मचारियों को कोई खतरा नहीं है। इटली के 21 पर्यटकों और उनके तीन भारतीय टूर ऑपरेटरों को कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद बुधवार को आईटीबीपी के अलगाव केंद्र से यहां लाया गया था। वायरस से संक्रमित इटली के एक जोड़े का जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि विदेशियों को गुड़गांव के एक निजी अस्पताल और राष्ट्रीय राजधानी के एक केंद्र में भर्ती कराया गया है जबकि भारतीयों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कर्नाटक सरकार ने शहर की कंपनियों को सलाह दी है कि वे उन कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दे जिनमें फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हों। स्वास्थ्य विभाग ने अपने परामर्श में कहा कि जिन कर्मचारियों में फ्लू जैसे लक्षण हों, उन्हें खासी-जुकाम से बचाव और हाथों को साफ रखने की सलाह के साथ घर से ही काम करने की अनुमति दी जा सकती है। परामर्श में कहा गया है कि लोगों को ऐसे देशों की गैरजरूरी यात्रा करने से बचना चाहिए, जोकि कोरोना वायरस से प्रभावित हैं। परामर्श के मुताबिक जो भी कर्मचारी प्रतिबंधित देशों के अलावा चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, ईरान, हांगकांगकतर और वियतनाम जैसे देशों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच रहे हैं, उनकी हवाई अड़े के प्रवेश पर ही मेडिकल जांच की जानी चाहिए। सरकार की ओर से जारी परामर्श में यह भी कहा गया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय उडान से भारत आने वाले कर्मचारियों को स्वास्थ्य अधिकारियों और आव्रजन अधिकारियों को स्वघोषणा पत्र भरकर देना होगा, जिसमें उनकी निजी जानकारी, फोन नंबर, भारत में उनका पता और यात्रा विवरण देना होगा।